आज के आप के कृत्य कल पे हावी हो सकते है

आज के आप के कृत्य कल पे हावी हो सकते है
और कल अगर सुनहरा हो तो इसमे बुराई ही क्या है
इसलिए लिए सिर्फ आसान सा काम—
हर कर्म की झोली में सत्कर्म और कुकर्म का है मिलन यहाँ
अपने हृदय से सिद्दत से पूछिये की क्या सही है और क्या गलत
हर प्राणी की अंतरात्मा जीवंत रहती है , उससे ज्यादा न कोई आप को समझा सकता है
न सही और गलत से अवगत करा सकता है
आपकी सोच में और अन्तःकरण में जब समन्वय टूट जाता है
तब आप गलत पथ धारण कर लेते है
कुछ आदर्श , कुछ संस्कृति तथा कुछ लम्बों को कल के लिए बचाया जाता है
ताकि कल आने वाले लोग भी अपनी इस अमूर्त धरोहर को समझ सके और सही और गलत के फल को देख सके
कोई भी निर्णय केवल दिल या दिमाग से नहीं लेना चाहिए , अन्तःकरण की भागीदारी मायने रखती है ,
इसे आप नजरंदाज़ नहीं कर सकते और इसी में हमारी आपकी , आने वाले का कल की ज्योति छिपी है …
♥♥♥शिव कुमार सिंह ♥♥♥

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