भोजपुरी होली गीत – फगुवा में भंगवा के ले ल चुसकी

फगुवा में भंगवा के ले ल चुसकी।
बुढवा सटक गईल, अब पटकी।।

मस्ती के तरंग बा, तरंग में उमंग बा,
लागता के सबकर एक्के गो ढंग बा।
ऐ चाचा, ऐ बाबा, कहाँ गईलू हो भौजी
केहुवो चिन्हाते नईखे, मुंहवा पे रंग बा।
उज्ज़र कपड़वा त अब खटकी।
बुढवा सटक गईल, अब पटकी।।1।।

भर पिचकारी रंग घोर मारे ससुरा,
भौजी त मगन रंग जोर मारे भसुरा।
पकड़ हो, छोड़ हो, भाग हो, दौर हो
दूबे पाणे भाग भइलें, फंस गईलें मिसरा।
गोझिया मिठईया सब केहू गटकी।
बुढवा सटक गईल, अब पटकी।।2।।

प्रेम ठिठोलिया के होली त्योहार बा,
लागता के आज त अलगे संसार बा।
लाल बाटे, पीला बाटे, हरा औरी नीला बाटे
इन्हीं में घोर द हो मन में जो रार बा।
रंगवा भरल भर-भर मटकी।
बुढवा सटक गईल, अब पटकी।।3।।

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  1. ashwani yadav 23/03/2013

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