हैप्पी विमेंस डे…….

क्यों न हो गुरूर मुझे खुद पे
क्यों जियूँ बस तुझ पर यकीन कर के
करता है जब फक्र तू भी
अपनी झूटी नुमाइशों पे

दिन वो लौट के ना आयेंगे
जीती थी जब मै तेरी फरमाइशों पे
मै यूँ खरी उतर रही जो
तेरी हर आजमाँइशों पे

ये जिंदगी मेरी है जिसे
जी रही मै खुद की ख्वाइशों पे
मुझे है गुरूर खुद पे
इतना यकीन कर ले – प्रीती श्रीवास्तव

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