जिस दम सूरज ढल जाएगा -ग़ज़ल -SALIM RAZA REWA

    ग़ज़ल !
जिस दम सूरज ढल जाएगा !!
रात का जादू चल जाएगा !!

सम्हल के चलना सीखो वर्ना!
तू दुनिया में छल जाएगा !!

दुनिया का दस्तूर यही है !
आज जो है वो कल जाएगा !!

बचपन के दिन याद आएँगे !
जिस्म जवां जब ढल जाएगा !!

ग़म से यारी करना सीखो !
वक़्त बुरा सब टल जाएगा !!

अँगारे मत बोना घर में !
घर आँगन सब जल जाएगा !!

सलीम रज़ा रीवा म.प्र. 25.01.13

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