दर्द गरीबों का लफ्जों में बयां नहीं कर सकते ..

दर्द गरीबों का लफ्जों में बयां नहीं कर सकते ..
कैसे जीते है वो हर पल यहाँ , कथनों में बयां नहीं कर सकते
ना ही जागरूकता है यहाँ पे नहीं कर्मों में सुकर्म
बिन सचेत हुए उनके दर्द को आप मिटा नहीं सकते
सोचे तो बड़ी बड़ी है यहाँ पे लोगो की
वे सोचे गरीबों से बिन जुड़े उनका उद्धार नहीं कर सकते
बहुत तमन्ना होती है दिल व जेहन में
खुद को मिटा दू गरीबों के लिए
बिन मिटाए खुद को उनके लिए ,आप महान इन्शान नहीं बन सकते
दर्द गरीबों का लफ्जों में बयां नहीं कर सकते ..
गरीबी तो उन्हें विरासत में मिलती है
बेकसूर होते है अपने पहले चरण में वो
पर इसके लिए वो अपने माँ बाप को कोष नहीं सकते
फर्ज था उनका जीवन देना आपको
गरीबी को मिटाए बिना आप उनके कर्ज अदा नहीं कर सकते
नर्क भरी ज़िन्दगी है उनकी हमारे नज़रों में
सुधार उनके जीवन में किये बिना ,अपनी नज़रों को हम नहीं बदल सकते
गरीबी का दर्द आप समझ नहीं सकते …
♥♥♥शिव कुमार सिंह ♥♥♥

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