सत्कर्म करते हुए मर जाने की तमन्ना है मेरी …

एक आदर्श के रूप में लोगों के दिलों में बसने की तमन्ना है मेरी ….
सत्कर्म करते हुए मर जाने की तमन्ना है मेरी …
नफरतें तो बस इन्शान को कमजोर करती है इसलिए तो
प्रेम के सागर में गोता लगाने की तमन्ना है मेरी …..
बुझे हुए दीपक को कोई सलाम नहीं करता
अब तो बस प्रज्वलित होके दुनिया को उज्ज्वल करने की तमन्ना है मेरी ..
अपने हाथ इतने छोटे नहीं है की किसी के दर्द को कम न कर सके
तभी तो पूरी दुनिया के दर्द को अपने बाँहों में सिमट लेने की तमन्ना है मेरी ..
सत्कर्म करते हुए मर जाने की तमन्ना है मेरी …
हम तो बस शुक्र गुजार है इस परवरदिगार के जिसने हमें इस जहाँ में भेजा..
हम अपनी ज़िन्दगी को दूसरों के लिए न्योछावर कर दे . बस यही तमन्ना है मेरी ..
एक आदर्श के रूप में लोगों के दिलों में बसने की तमन्ना है मेरी ….
♥♥♥शिव कुमार सिंह ♥♥♥

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  1. dharmendra 02/03/2013

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