तलाश

हर सुबह को एक नई शाम की तलाश है
हर परिदें को एक नई असमान की तलाश है
हर प्रश्न को एक नई तफ़सीर की तलाश है
हजारों लोग ऊही बिन लक्ष्य के भटक रहे है
इन सब को एक नई पथ की तलाश है …
तमस्विनी में चलना जोख़िम से खेलना है
इसलिए हर अन्धकार को एक उजाले की तलाश है ..
तलाश का सिलसिला अनवरत चलता रहेगा
क्योकि तलाश को खुद किसी की तलाश है …
♥♥♥शिव कुमार सिंह ♥♥♥

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