मंजिल प्राप्ति

मंजिल भटकते ही सही, एक दिन मिलेगी जरूर
अगर ठोकर खाके गिरते है ,तो एक दिन संभलेंगे जरूर
हर इन्शान कुछ नया करने का हुनर रखता है इस जहाँ में
एक दिन हम सब भी कुछ नया करेंगे जरूर …
हर पल ज़िन्दगी हमें सही और गलत के प्रति सचेत करती है
सही को आधार बनाके मंजिल को हासिल करेंगे जरूर …
♥♥♥शिव कुमार सिंह ♥♥♥

Leave a Reply