गरीबी का मर्म

यहाँ पे गरीबी की आह से दुनिया को बदल जाना चाहिए था
शायद ख़ुदा को येही मंजूर है की जब एक दिन पूरी सिद्दत से लोगों की आह निकलेगी उस दिन दुनिया अपने अस्तित्व में बदलाव लाएगी..
और उस दिन पूरी कायनात को गरीबों की आह महसूस होगी …
बेबस और लाचार लोगों को देख लोगों के नयनों से अश्रु का श्राव होगा और उस वक्त लोगों के हाथ गरीबों की मदद के लिए बढेगा
तब दुनिया को एक कई छवि मिलेगी ….
♥♥♥शिव कुमार सिंह ♥♥♥

Leave a Reply