नवयुवक के विचारों का सशक्तिकरण

तेज की मूरत हो आप , खुद को निस्तेज मत होने दो …
दिल की जो आरजू है उसे चूर मत होने दो …
कभी कभी खुद को अकेला समझ कर तुम रुक न जाना बीच रस्ते में …
मिलेंगी तुम्हे अपनी मंजिल जरुर एक दिन ..
येही सोच कर अपने ध्येय को खुद से दूर मत होने दो
सूरज के आने से खिलती है यहाँ कुमुदिनी
यह प्रकृष्टता है आप में भी
बस इस नैसर्गिकी सोच को खुद से ज़ुदा मत होने दो …

2 Comments

  1. dharmendra 01/03/2013
    • jyotsna 02/03/2013

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