मर्दाना लड़की

मर्दाना लड़की

अपनी उम्र से लम्बी साइकिल के पैडल पर कभी एक पैर से फिर दुसरे पैर से धकेलती मर्दाना लड़की

बैठा अपने से छोटे को छोटी गद्दी पर चेहरे पर बड़ा होने का अभिमान लिए अट्टहास करते कहते लोग वो देखो मर्दाना लड़की …

साईकिल की रेस में खुद से आगे निकलने की चाह में जब कुछ मर्दों से आगे निकल जाती हवा से बातें करती बेपरवाह तो हवा भी फुसफसा कर कह जाती मर्दाना लड़की ….

यौवन की ऊर्जा फुटबॉल में लिपटकर मैदानों को लाँघती , झगडती घासों से उछ्लकर पार कराती गोलपोस्ट तो रेफ़री की सीटी ….

एक सुर में चिल्ला जाती मर्दाना लड़की ,..

चाँदी की बालों वाली मेरी दादी बतलाती नुस्ख़े सिखलाती सरसों की बोतल पकड़ाती तो जुओं से कुश्ती में बाल खिच गए कुछ सर पर चपत लगा दादी कहती मर्दाना छोरी ….

और मेरी आंखें देखती देखती देखती चली जाती गहराती जाती दादी की आँखें में …..

और मेरे बॉबकट बाल हवा में लहरा जाते

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