मेरे वो दिन लौटा दे

भगवान मुझे इतनी दुआ दे,
मेरे वो पुराने दिन लौटा दे,
बागों में घूमा करती थी मैं,
सखियों संग झूमा करती थी मैं।।

ज़िन्दगी में कोई गम न थे,
पास हो के  भी पास हम  न थे,
आज मालूम हुई तेरे साथ की कीमत,
जब ज़िन्दगी की पड़ी तेरी जरुरत।।

ज़िन्दगी हर मोड़ पे तुझे पुकारती है,
यूँ अकेले बैठे तेरा रास्ता निहारती है,
साथ तो सब हैं, पर उनमे वो बात नहीं ,
तुम्हारी याद न आये ऐसी कोई रात नहीं।।

हर कदम पे कुछ नया करते थे हम,
कोई रोक दे हमे ऐसा कहाँ था किसी में दम,
अब ये बातें बस ज़ुबा तक रह गयी,
और ये ज़िन्दगी सब छोड़ बहुत आगे बढ़ गयी।।

भगवन मुघे मेरे वो दिन लौटा दे,
या मुघे तु उनके पास पहुंचा दे,
हर मोड़ पे देख,वो मिलेंगे जरुर,
वो भी नही रह पाएंगे मुझसे इतनी दूर।।

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