बड़ा मुश्किल है

ज़िन्दगी के सफ़र में ज़िन्दगी का गुजरना बड़ा मुश्किल है
कमा तो सभी लेते है पर खर्च करना बड़ा मुश्किल है

खिलखिला लेते हैं हम बेवजह यूँ ही गैरों पर
खुद पर तो कभी-कभार भी हंसना बड़ा मुश्किल है

दिल तोड़ना तो बहुत आसां है मेरी जां
पर किसी के दिल में उतरना बड़ा मुश्किल है

अपने खेत से अपना पेट भर लो उतना ही बहुत है
दूसरों के खेतों में चरना बड़ा मुश्किल है

दुश्मनों से हो गयी है सांठ-गाँठ मेरी
अब दोस्तों पे भरोसा करना बड़ा मुश्किल है

वतन पर मिटने की कसमें खा लें हम चाहें जितनी भी
पर वास्तव में देश पर मरना बड़ा मुश्किल है

अपने दिल के टुकड़ों को जोड़-जोड़ कर जुड़ गया हूँ मैं
बहुत हुआ, अब टूट कर फिर बिखरना बड़ा मुश्किल है

______________________________________________

गुरचरन मेह्ता

One Response

  1. Dharmendra Sharma 26/02/2013

Leave a Reply