आज वो ज़िन्दगी सो गयी

ज़िन्दगी के लम्हों में मेरी ख़ुशी खो गयी,
कल तक जो सबको हसाती थी आज वो ज़िन्दगी सो गयी,
असुअन भरी अँखियाँ आज भी छलक जाती है,
जब तेरी हसी और तेरी बातें याद आती है।।

दिन भर मुघे डाटते थे और फिर मनाते थे ,
थोडा सा रुलाके फिर हसाते थे ,
आज तुम नहीं बस तुम्हारी यादें हैं,
और मेरे मन में बस तुम्हारी बातें हैं।।

मेरी ज़िन्दगी से निकलकर एक तस्वीर में तुम रह गए,
अश्कों की भी कमी है आज सब तुम्हारी याद में बह गए,
दुनिया की भीड़ में ये नज़रे तुम्हे ढूढती हैं,
ये नादान जानती हैं तुम नहीं हो फिर भी तुम्हे खोजती हैं।।

सारी  रात छत पे बैठे बस तुम्हे खोजते हैं,
आज तो तुम आओगे बस ऐसा सोचते हैं,
लोग कहते हैं जो अपना है वो कभी दूर नहीं जाता है,
पास तो नहीं लेकिन इन तारों में नज़र आता है।।

यहाँ  थे तो दुनिया में खोये थे,वहां  तारों में खो गए,
यहाँ बहुत थक गए थे, तभी वहां जाके  सो गए,
ये नज़रें तारों को रोज़ पुकारती हैं,
तुम नहीं आओगे फिर भी तुम्हारी राह निहारती हैं।।

तारों में हम तुम्हे युहीं खोज करेंगे ,
चंदा से रोज़ तुम्हारे लिए पूछा करेंगे,
मुघे विश्वास है तुम आओगे जरुर,
अपना किया वादा  निभाओगे ज़रुर ।।

2 Comments

  1. Rahul 01/03/2013
  2. Shijju S. 07/05/2013

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