जिन्दगी

प्रीत भरी और प्यारी बातें,
सूनी सूनी सी अंधियारी रातें,
आती है याद अकेले में,
कहाँ खो गयी जिन्दगी
जाने जिन्दगी के झमेले में।
तू है तो सब कुछ है जैसे,
तू नहीं तो कुछ नहीं वैसे,
तेरे बिना जिन्दगी नहीं पूरी,
जिन्दगी बिन जिन्दगी अधूरी,
फिर जिन्दगी तो है बहुत जरूरी।
साँसो की सरगम बहती रहती,
हर पल हमसे कुछ कहती रहती,
गीत जाने कब पूरा हो जाए,
टूटे साज,
सरगम जब भी,
जीवन का तान अधूरा हो जाए।
कर धर सर पर अरे जिन्दगी,
करता रहूँ आठों याम बंदगी,
उलझन भरी डगरिया तेरी सुलझाऊँ,
तू आ, तू आ, तू आ,
तुझे जीवन का नया संगीत सुनाऊँ।

मनोज चारण

मो. 9414582964

8 Comments

  1. yashodadigvijay4 17/02/2013
  2. anu 20/02/2013
  3. Yashwant Mathur 20/02/2013

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