कुछ शेर और शायरी

एक-एक जुगनू इकट्ठा किया है तेरे प्यार मे,
तेरे दिल मे रोशनी कर के रहेंगे बता देते है ।

“सजन”

जड़ हुए मील के पत्थर से, सही कहा है लेकिन,
राहगीरों को पता “मंज़िल” का हम ही,हैं यक़ीन|

“सजन”

ग़ज़ल का दौर है, चाहे उछालो शौक से, ताला है ज़ुबाँ पे ;
पड़त पड़ते शेर, राह बना देती क़लम,छा जाएगें ग़ज़ल पे|

“सजन”

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