माँ

सूत्र जीवो की हो तुम देवी
नदी का साहिल हो, या फिर तालाब का हो पानी
जहां तुम खुशियाँ बिखेर देती हो
वह जन्नत बनाती है  सारी

चाहे तुम्हे कोई समझे या ना समझे
मै समझती हूँ तुम्हारे दिल की तनहाई
कोई दिल दुखाकर तो देखे
मै करती रहूगी तुम्हारे लिये हरदम लड़ाई

दुख दर्द का पानी तुमने पिया
जानती नहीं ये दुनिया सारी
चाहे कोई कुछ  भी सोचे
मै ही हूँ तुम्हारी असली परछाई

आज तुमसे है ये वादा
कभी न हाथ छोड़ेगे तुम्हारा
यकीन ना हो तो कसम दिलावादो
मानेगे कहना सदा तुम्हारा

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