ससुराली

ससुराली

अङ्ना मे बाडु कि कोठलिया मे बाडु हो

खोलन केवांरी तनि पानी देबु हो
बारे बरिस मे ऐनी सशुरारी
सालेराम कहतारें हल हो कोदारी
तनि जल्दी ऐबु साले के सम्झैबू हो
खोलन केवांरी तनि पानी  देबु हो
खेत खन के ऐनी घाँस काटके लैनी
पोरा काट काट के लेदी भी बनैनी
सास हमर कहतारें जल्दी कर दौनि
तनि जल्दी ऐबु सास के सम्झैबू हो
खोलन केवांरी तनि  पानी देबु हो
दौनिवो करनी भईस भी दुहनी
घारी बहार के घुर भी लगैनी
ससुर हमर कह्तारें जा लाव खैनी
तनि जल्दी ऐबु ससुर के सम्झैबू हो
खोलन केवांरी तनि पानी  देबु हो
बजारो गैनी खैनी किन के लैनी
 झाडु ले के आँगना भी बढरनि
साली हमर कह्तारे उतार पहुना नथुनी
तनि जल्दी ऐबु साली के सम्झैबू हो
खोलन केवांरी तनि पानी  देबु हो
हरि पौडेल

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