गैरों से क्या शिकवा करें !!

बेवफाई के इस दौर में,

वफ़ा की उम्मीद किस से करें !

जब प्यार का रंग वादियों में घुल गया हो तो,

दिलनशी इस एहसास से, खुद को बचा के कैसे रखें !

गम का सैलाब हद से आगे बढ़ गया हो तो,

पैमाने से दूर लब कैसे रहें !

दिल का साथ धडकनों ने ही छोड़ दिया हो तो,

गैरों से क्या शिकवा करें !!

-श्रेया आनंद

   (4th Jan 2013)

2 Comments

  1. Muskaan 15/04/2013
    • Shreya Anand Shreya Anand 15/04/2013

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