एक पल

तुम बिन हर एक पल उदास है।

रोशनी भी मिली तो कुछ पल की,

अब तो रास्ते  में सिर्फ रात है।

मैंने तुमको कभी कुछ न कहा,

गैर लोगों की क्या बात है।

दिल में अरमान दब के रह जायेंगे

सामने ऐसे कुछ हालात हैं।

आँसू भी बहते हैं तो दिल ही दिल में,

होठों पर आते नही जज्बात हैं।

गर्म हवाओं के थपेड़े कुछ यू चल रहे हैं,

लगता नही ये मौसम-ए- बरसात है।

दिन में रातें समाईं हैं कुछ इस तरह,

सामने असख्ंय उलझे हुए सवालात हैं।

अब तो दर पे मेरे दस्तक दे दो,

जि़न्दगी के चन्द पल ही अब साथ हैं।

4 Comments

  1. यशोदा दिग्विजय अग्रवाल 05/01/2013
  2. दिगंबर 09/01/2013
  3. Yashwant Mathur 09/01/2013
  4. reena maurya 09/01/2013

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