ये दुनिया खूबसूरत है ज़माना खुबसूरत है – SALIM RAZA REWA 2

        09981728222= ग़ज़ल =
ये दुनिया खूबसूरत है ज़माना खुबसूरत है  
मुहब्बत की नज़र से देखने की बस जरुरत है !

कहीं पर जाम होता है कहीं पर ज़श्न होतें हैं
ग़रीबी सर झुकाए है अमीरी की हुकूमत है !

खुदाया आ गए हम चलते चलते कैसी बस्ती में 
यहाँ तो आदमी की हर क़दम पे बदली सूरत है !

ये दहशत गर्दिया अस्मत फ़रोशी खून की होली 
हर इक लम्हा मुसीबत है क़यामत ही क़यामत है !

उड़ाई जा रही है धज्जियाँ इमां की धर्मों की 
कहीं रावन कहीं पे कंश की अब तो हुकूमत है !

हरइक शै को समां लेने की हिकमत और ताक़त है 
समंदर के खजाने में ज़माने भर की दौलत है !

शिकायत औ गिला तक़दीर से करना नहीं वाज़िब 
जो मुझको मिल रहा है सब”रज़ा”उसकी इनायत है !

gazal salim raza rewa
1222 1222 1222 1222

2 Comments

  1. Dr.M.C. Gupta 31/12/2012