हम तो हैं उनके -माहिया-23-33

23

मन यूँ ना मुरझाना

बीत गईं  खुशियाँ

गम को भी टुर जाना ।

24

रुत  बदली -बदली है

अपना राज लगे

अपनी -सी ढपली है ।

25

हम फिर से गाएँगे

बीत गए बरसों

वो फिर से आएँगे ।

26

है धूप कहीं छाया

हम तो हैं उनके

जाना , फिर तरसाया ।

27

अँखियाँ ये तरस गईं

कल घनघोर घटा

यादों की बरस गई ।

28

हम तुमको जान गए

पानी में चन्दा

हम सच पहचान गए ।

29

तेरे   हो  जाएँगे,

बस इक बार कहो

वरना खो जाएँगें ।

30

वो दिन अब किधर गए !

मन की माला के

सब मनके बिखर गए ।

31

सपना है प्यारा -सा

चमके ये जीवन

बनके ध्रुव तारा -सा ।

32

वो दिन कब के गुजरे

बिटिया अब माँ के

नयनों में ज्योत भरे ।

33

हक हमको पाने हैं

इतना याद रहे

कुछ फ़र्ज़ निभाने हैं ।

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