सियासी गलियारे

आज सियासी गलियारो में

रावण- राज नाच रहा है !

 

विभीषण का घर जल गया,

कुंभकरण भी जाग रहा है,

आज सियासी गलियारो में 

रावण- राज नाच रहा है!

 

राम- राज का नाम लेकर ,

मन्थरा रानी बन बैठी है,

रा्म अकेला बन में बैठा ,

भ्राता को ही जांच रहा है!

आज सियासी गलियारो में,

रा्वण राज-नाच रहा है!!

 

सीता आस लगाये बैठी ,

उसका राम भी आयेगा,

भरत आस लगाये बैठा,

उसका राम भी आयेगा!

इनको  नहीं पता–

इन सियासी गलितारो में,

रावण-राज नाच रहा है!!

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