ये दुनिया खूबसूरत है ज़माना खुबसूरत है 1- SALIM RAZA REWA

== ग़ज़ल ==

ये दुनिया खूबसूरत है ज़माना खुबसूरत है =
मुहब्बत की किनज़र से देखने की बस जरुरत है =

वो मेरे बिन तड़पते हैं मैं उनके बिन तडपता हूँ =
यही तो उनकी चाहत है यही मेरी मुहब्बत है =

मोहब्बत की नज़र से आप ने देखा सरे महफ़िल =
करम है मेहरबानी आप की नज़रे इनायत है =

मुहब्बत से ही दुनिया के हर इक दस्तूर निभते हैं =
ये रिश्ते और नाते प्यार के ही सब बदौलत है =

कभी कलिओं का मुस्काना कभी फूलों का मुरझाना =
ये कुदरत के तकाज़े हैं यही गुलशन की किस्मत है =

वो मालिक है दो आलम का वो जो चाहे अता कर दे= 
उसी के हाँथ इज्ज़त है उसी के नाम शोहरत है= 

खुलूशो प्यार से मिलने की आदत है “रज़ा” हमको = 
यही इंसानियत है और यही अनमोल दौलत है =
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