तुमने काटा है बहुत मुझे

तुमने काटा है बहुत मुझे
मैं कुछ नही बोला
सोचा तुम्हारी जरूरत है
पर अब लगता है तुम्हारा
लालच बढ़ता ही जा रहा है
मेरे पयार और दुलार का तुमने
खूब उठाया फायदा
प्रकरति का भी है कोई कायदा
जिले तुमने समझा नही
मेरा तो हर अंग तुम्रहारे
काम आता है
कितना ख्याल रखा
मैंने तुम्हारा
पर तुमने नही समझा मेरे दर्द को
मेरे आँसूओं को
नही दिखे तुम्हे
मेरे रिसते हुए घाव
मेरी पीड़ा
अब जब प्रकरति अपना क्रोध
बरसा रही है
कहीं आँधी,कहीं तूफान,कहीं बारिश,कहां सूखा
कहीं सुनामी का कहर बरपा रही है
अब घबरा रहे हो
पर्यावरण बचाओ-पर्यावरण बचाओ
का शोर मचा रहे हो
शोर मचाने से कुछ नही होगा
बचाना चाहते हो यदि अपने आपको
तो लगाओ मुझे
जागो
हाँ मैं पेड़
मेरा और तुम्हारा
तो जन्म-जन्म का नाता है