आओ सुनाऊँ तुम्हें अपनी प्रेम कहानी

आओ सुनाऊँ तुम्हें – अपनी प्रेम कहानी
मेरी कागज की कश्ती – वो बारिश का पानी 
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वो चुप-चुप रहना – वो आँखों में बाते
वो करता हूँ याद – वो दिन मैं वो रातें
वो बहाने से मेरा – वो उनके पास जाना
वो धीरे-धीरे उनका – वो मंद-मंद मुस्काना
वो बातों को उनकी – वो दिल से लगाना
वो दिल्लगी मेरी – दिल की लगी बन जाना
क्या लगता है तुमको – यह है कोई नादानी
मेरी कागज की कश्ती – वो बारिश का पानी
आओ सुनाऊँ तुम्हें – अपनी प्रेम कहानी
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वो रुक-रुक कर चलना – वो चल-चल कर रुकना
वो निगाहों का उठना – वो निगाहों का झुकना
वो उनकी हया – वो उनकी निगाहें
वो मुझको बुलाती थी – उनकी वो बाहें
वो तड़पना सिसकना – हमारी वो आहें
वो चाहत हमारी – वो चाहें न चाहें
वो आती हैं याद हमें – वो बातें पुरानी
मेरी कागज की कश्ती – वो बारिश का पानी
आओ सुनाऊँ तुम्हें -अपनी प्रेम कहानी
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वो चाहत से उनका – वो इनकार करना
वो चाहत का हमारी – वो इकरार करना
वो पल-पल की मौत – वो जीना वो मरना
वो हाँ उनका कहना – पर जाने क्यूँ डरना
वो इतरा इतरा कर – बनना संवरना
वो शरमा-शरमा कर – खुद ही पर मरना
वो उमड़ता सा सागर – वो आँखों का पानी
मेरी कागज की कश्ती – वो बारिश का पानी
आओ सुनाऊँ तुम्हें – अपनी प्रेम कहानी
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वो दिल की धड़कन का – बेताब होना
वो रंगों में डूबी – हर एक शाम होना
वो नींद आते ही उनसे – मुलाकात होना
वो जाने कब मोहब्बत की – शुरुआत होना
वो नज़रें चुराना – वो बातें बनाना
वो हाथों से उनका – वो हाथ मिलाना
वो छुना था उनका – वो जैसे कोई निशानी
मेरी कागज की कश्ती – वो बारिश का पानी
आओ सुनाऊँ तुम्हें – अपनी प्रेम कहानी
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वो बीता हुआ सावन – वो बातों का डेरा
वो लगाती थी तुम – मेरे खवाबों में फेरा
वो काली रात भगा कर – किया है सवेरा
वो रोशन किया है – वो मेरा अँधेरा
वो होगा कब पूरा सपना – तेरा और मेरा
वो जाने कब बसेगा – वो अपना बसेरा
छोड़ देंगे हम सब कुछ
जब तुम संग है दुनिया बसानी
ना डूबेगी अब मेरी मेरी कागज की कश्ती
फिर हो कोई तुंफा या बारिश का पानी
आओ सुनाऊँ तुम्हें अपनी प्रेम कहानी
आओ सुनाऊँ तुम्हें अपनी प्रेम कहानी

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गुरचरन मेह्ता 

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