स्त्री की कराह

कराह के राह पर छोड़ दिया, प्यार ने मुझको सींचा ।
पता न था स्त्री होने की इतनी बड़ी सजा होगी ।
चीर दुशासन ने भरी सभा में भीष्म के सामने खींचा ।
न जाने भीष्म को इसकी कब सजा होगी ।

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