हिन्दी राष्ट्र का प्राण

हिन्दी राष्ट्र का प्राण

हिन्दी राष्ट्र का प्राण, हिन्दी  हिन्द  का अभिमान

हिन्दी है गौरव गान, हिन्दी है काव्य का भान

हिन्दी है स्वर लहरी, हिन्दी है भारत का प्रहरी

हिन्दी है ग्रामीण शहरी, हिन्दी में है आस्था गहरी

हिन्दी में व्यक्त है भक्ति, हिन्दी में अद्भुत शक्ति

हिन्दी से है अभिव्यक्ति, हिन्दी से है आसक्ति

हिन्दी है विचारधारा, हिन्दी है अमरत धारा

हिन्दी है अवलम्ब सहारा, हिन्दी से है मान हमारा

-“गोपी”

4 Comments

  1. yashoda agrawal 16/12/2012
  2. Nihar Ranjan 19/12/2012
  3. Yashwant Mathur 19/12/2012
  4. ashish 02/01/2013

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