व्यथा कथाएँ ( हाइकु)

1

व्यथा कथाएँ

धरा जब सुनाये

सिन्धु उन्मन ।

2

न घोलो विष

जल जीव व्याकुल

तृषिता धरा ।

3

कराहें कभी

वन ,वृक्ष ,कलियाँ

अश्रु निर्झरा ।

4

बादल धुआँ

घुटती सी साँसे हैं

धरा कम्पिता ।

5

जल जीवन

जानें  हैं तो मानें भी

सहेजें धन ।

6

पीर नदी की

कैसे प्यास बुझाऊँ

तप्त धरा की।

7

पीर नदी की

उमडी़ ना थमती

विरहिन सी ।

-0-

2 Comments

  1. yashoda agrawal 16/12/2012
  2. sangeeta swarup 20/12/2012

Leave a Reply