साँसों के हस्ताक्षर

साँसों के हस्ताक्षर

 हर एक पल पर अंकित कर दें

साँसों के हस्ताक्षर

परिवर्तन कहीं हमारे चिह्नों   पर

स्याही न फेर दे

साथ ही

जिंदगी के दस्तावेजों पर

अमिट लिपि में अंकित कर दे

अपने अंधेरे लम्हों के स्याह हस्ताक्षर

कल को कहीं हमारी आगामी पीढ़ी

भुला न दे हमारी चिन्मयता

चेतना लिपियाँ

प्रतिलिपियाँ….

भौतिक आकार मूर्तियां मिट जाने पर भी

जीवित रहे हमारे हस्ताक्षर

खोजने के लिए

जीवित रहें हमारे हस्ताक्षर

कहीं हमारा इतिहास

हम तक ही सीमित न रह जाये

इसीलिये आओ

प्रकृति के कण-कण में

सम्पूर्ण सृष्टि में

चैतन्य राग भर दें

अपनी छवि अंकित कर दें

दुनिया की भीड़ में खुद को

शामिल न करें।

भविष्य की याद हमें स्वार्थी बना कर

आज ही पाना चाहती है

अपना अधिकार

न हम गलत है, न हमारे सिद्धांत

फिर भी

स्वार्थी कहला कर नहीं लेना चाहते

अपना अधिकार

आओ

अंकित कर दें

हर पल पर

अपनी साँसों के हस्ताक्षर  

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