साथ रखना

 

थोड़ी–सी आस

और थोड़ी उजास

साथ रखना

कस कर बाँधना

आँचल–छोर

कभी गुम न जाए

याद रखना

राह में घिरे रात

सूझता न हो

निज हाथ को हाथ

काम आएगी ,

खूँट को खोल लेना

ढारस पाना

’ रास्ता  ढूँड़ लेना

थोड़ी मिठास

थोड़ी–सी चिकनास

बचा रखना

जीवन -मरुथल

लील न जाए

ज़रा ख़्याल रखना

वक्त की मार

जीना दूभर करे

उपेक्षा और

रुखाई आस पास

करें आवास

जब परवशता

कड़वे बोल

डंक चुभाने लगें

ख़ास अपने

मुँह चुराने लगें

याद रखना:

भूल न जाना कहीं

काम आएगी

होठों पे खिला लेना

शहद – फूल

सँजो रखे नेह से

मन का दीप

शान्त हो, ‘बाल’ लेना

रास्ता निकाल लेना

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