कुछ शेरो शायरी :-

कुछ शेरो शायरी :-
(31)
बे-दिल
दिल नहीं जिन के पास, वह दिल का हल क्या जाने,
मोहब्बत है, इब्बादत है, मौत से डरते नहीं परवाने,
सजन मुरारका
(32)
मायूसी
अश्क दिखता मेरी मायूसी का उनके चहरे पे,
दिल की बात, कहती सब बेजूवान आँखों से,
सजन मुरारका
(33)
यादें
याद को भी दुश्मनी,धधकती रहे हरदम;
कोई भी आंसू न बुझा पाये खुदा कसम |
सजन मुरारका
(34)
इकरार और प्यार
आँखों से जो टपकते अश्क तो बूंद-बूंद से इकरार होता है ;
होंटो पर चमचमाती हंसी, सितारों से रोशन प्यार होता है |
सजन मुरारका
(35)
आशियाना
हद हो गई, बहुत हुवा आशियाना, सोचा उन्हें अब भुला देंगे,
पर जब सामने से गुजर गये, सोचा कल होगा दिन आख़री ;
सजन मुरारका
(36)
हकीकत
हुश्न का सहेरा समझा; बादल समझ इतराये ;
हकीकत मे यह मेरे “जलते” दिल का धुंवा था , !
सजन मुरारका
(37)
लब
लबों पर था नाम तुम्हारा, मेरे लबों पर नाम है तुम्हारा ;
हिफ़ाजत से दिल मे था,हिफ़ाजत से रखने का दिल मेरा !
सजन मुरारका
(38)
महबूब
महबूब को पाकर, ख़ुशी मे ज़िन्दा थे बेमिसाल,
उनको खोकर भी ज़िन्दा हैं लाश सारीका हाल|
सजन मुरारका
(39)
आदत
हर-रोज़ मिलने की आदत से,
न मिलने का यह वीरान सा सफ़र,
ख्वाहिश है,अगर ना मिली तो,
खत्म कर दूँ ज़िन्दगी का सफ़र !
सजन मुरारका
(40)
फरियाद
हम ना रहे, पर हमे याद मे रहने की चाहत है !
फरियाद करेंगे वह किस से, जब दिल टूटता है ,
सजन मुरारका

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