कुछ शेरो शायरी

कुछ शेरो शायरी :-

(21)

बेज़ान पत्थर
प्यार जताने, पत्थर पर उनके साथ नाम जोड़कर लिखा था,
हमे क्या पता था,बेज़ान पत्थर पर यों क्यों वक्त जाया क़रते,
सजन मुरारका

(22)

पैगाम
कई कई शाम उनके नाम हम ने,कई कई पैगाम लिखे थे,
कसमे ,वादे,इज़हार किया था उम्र भर का साथ निभायेगें।
सजन मुरारका

(23)

आँखों के नूर
क्या जाने क्या बात हुई,गुँजन सारे,बेज़ूवान हुवे ;
आँखों के नूर,अब उनकी आखों मे ही खटकने लगे !
सजन मुरारका

(24)

जिन्दगी
लम्बी जिन्दगी की दुआ जब मुझे मिले
सोच मे भीषण बवंडर आये होले -होले
जिन्दगी अब कांह जीते,यों ही काट रहे
जिसे काटना है,उसे फ़िर लम्बा क्यों खींचे
सजन मुरारका

(25)

ख्वाइस
प्यार होता कियूं ? बात है समझने की,
तभी तो प्यार की ख्वाइस है मेरी भी |
सजन मुरारका

(26)

रोना
तुमको कभी रोना आया नहीं – दर्द से
प्यार “प्यार” नहीं जो गुजरा नहीं दिल से
सजन मुरारका

(27)

तन्हा
तूम ग़ैर की हो जाये तो शकुन पाये हम,
तन्हा होने का दर्द, वो जाने दिल हो जिन में,
सजन मुरारका

(28)

बियोग
बियोग कि आग, बर्फ बनके, चोट पर लगा रही मरहम !
अन्दर पिघल रही बर्फ, अश्क बन, बहती रहती है हरदम |
सजन मुरारका

(29)

“हमदर्द”
दर्द बहूत था दिल में, लेकिन मिला प्यार से
प्यार नहीं, आपका दर्द- “हमदर्द” है, हम से
सजन मुरारका

(30)

हालात
अजीब हालात है, अब हम मयखाने से भी लोटा दिये जाते हैं,
इल्जाम पीनेवालों का,मेरे गम,उन्हें पुरी बोतल से नशा नहीं देता !!
सजन मुरारका

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