जिंदगी

तन्हाई के साये में अक्सर,
धड़कने साथ देती हैं मेरा
दिल गम बाँट लेता है मेरा,

यूँ ही मेरा मन बहला कर

सन्नाटी रातों की खामोशियाँ,
जब डराती हैं मुझे
मुझ संग प्यार जताती हैं,
मेरी आँखे अक्सर अश्रु बहा कर

कोई रौशनी बन कर,
बीता कोई एक लम्हा मेरा
मुस्कुराने का हौसला देती हैं मुझे,
मानो मेरा सर सहला कर

ख्वाबों का सफ़र नीदों में,
जब ख़तम नहीं होता
जिंदगी साथ देती है मेरा,
अपनी बाहें फैला कर

  – प्रीती श्रीवास्तव

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