दिल्लीवासी वो है

दिल्लीवासी वो है:-
जो एम सी डी की गंदगी में धंस चूका है
जो नेताओं की राजनीती में फँस चूका है
जो नए नए खेलों की तैयारियों में डूब चूका है
और daily soap की बीमारियों से उब चूका है
दिल्लीवासी वो है:-
जिसकी जिन्दगी में गाड़िओं का जाम है
कर्जे का बोझ है दफ्तर का काम है
जिसके लिए एक पल का भी आराम हराम है
और सबसे बड़ी बात मुन्नी यहाँ भी बदनाम है
दिल्लीवासी वो है:-
जिसे डेंगू के बुखार ने बुरी तरह जकड रखा है
स्वाइन फ्लू के सेने-टाएजर ने पकड़ रखा है
जंतर मंतर के धरने से जिसकी जिन्दगी बेहाल है
एक थप्पड़ खाने के बाद भी हाज़िर उसका दूसरा गाल है
दिल्लीवासी वो है:-
जिसके मोबाईल पर रोजाना लोन मिलता है
और मिल गया लोन तो फिर कोन मिलता है
जिसे CNG तो मिल गयी पर धुंए से छुटकारा नहीं मिला
जिसे भैंस तो मिल गयी पर उसके लिए चारा नहीं मिला
दिल्लीवासी वो है:-
जो insurance  और muctual fund में पैसा लगा लगा कर थक चूका है
और रोज एक नयी पालिसी के बारे में सुन कर पक चूका है
स्कूलों की फीस भरते-भरते जिसकी जेब खाली है
और खाना खाने के लिए सिर्फ छेद वाली थाली है
दिल्लीवासी वो है:-
जो यह जानता है कि यमुना खतरे के निशान से ऊपर है
और commonwealth की शक्ल बिगाड़ने वाला कमबख्त हूपर है
पर वह कुछ कर नहीं सकता क्योंकि वह मजबूर है
फिर नेता भी तो यही कहते है कि दिल्ली अभी दूर है
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गुरचरन मेह्ता 

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