बड़ा मजा आता है

किस-किस को किस -किस काम में बड़ा मजा आता है जरा सोचिये तो :
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प्रोफेसर को बखान में, मुसलमान को कुरान में,
बनिये को दुकान में, और मच्छर को कान में

सिद्धू को हंसने हंसाने में, शेखू को मुस्कुराने में,
बिपाशा को बीड़ी जलाने में, और शाहरुख़ को हकलाने में

शराबी को मदिरापान में, किसान को लगान में,
मुद्रे को शमशान में, और मुझे निर्वस्त्र स्नान में

धर्मेन्द्र को कुत्तों का खून पीने में, ऐशा को सावन के महीने में,
सन्नी पुत्तर को चीखने में, और बॉबी को एक्टिंग सीखने में

कवि  को कविता में, रवि को सरिता में,
शम्मी कपूर को गीता में, रणधीर कपूर को बबिता में

अमिताभ बच्चन को ब्लॉग लिखने में, ऐशवर्या को सुन्दर दिखने में,
अभिशेक को idea के विज्ञापन में, जया को राजनीती के ज्ञापन में,

नाना पाटेकर को दाढ़ी बढ़ाने  में, मल्लिका को कपड़े घटाने में,
सल्लू को कार चढ़ाने में, और कटरीना को ठेंगा दिखाने में

मायावती को नोटों के हार में, सोनिया को मनमोहन की सरकार में,
ममता को रेल की रफ़्तार में, और लालू को राबड़ी के प्यार में

राधे को श्याम में, जानकी को राम में,
रामदेव को व्यायाम में, और ट्रैफिक को जाम में

चूहे को मोरी में, छोटू को लोरी में,
नोटों को बोरी में, और govt  employee को रिशवत खोरी में

मुखबिर को खबर लीक करने में, पुलिस को मुजरिम ठीक करने में,
अपराधी को थाने में, और जज को फैसला सुनाने में

बच्चो को दूध में, खिलाड़ियों को कूद में,
जमाखोरों को सूद में, और बुजुर्गों को वजूद में

पहलवानों को जोर में, पंडितों को भोर में,
हर पीढ़ी को नए दौर में, और सचिन को स्कोर में

हर दुसरे आदमी को डॉक्टरी में, हर तीसरे को पोएट्री में,
राखी सावंत को मीका की पप्पी में, और संजू बाबा को जादू की झप्पी में

और ज़िन्दगी में कुछ रोज़मर्रा की बातें ज़रा गौर कीजिये –

नेताओं को आम जनता का पैसा हजम करने में
जनता को नेताओं का भजन करने में
दुसरे की बीवी को घूर-घूर कर देखने में
मोतियबिन्द का ऑपरेशन, फिर भी आँखें सेंकने में

भैंस को शरीर पर बैठी मंखियों को पूंछ से हटाने में
लोगों को सिगरेट के जले हुए टुकड़े सड़क से उठाने में
दोस्तों के साथ पार्टी हो तो बटुवा घर भूल जाने में
सामान नहीं लेना धेले का पर 500 का छुट्टा कराने  में

बहुत सारे कपड़े एक ही खुटी पर टांगने में
महंगी सिगरट जेब में फिर भी माचिस मांगने में,
प्रोफेसर साहब को स्टूडेंट्स को डांटने में
और कुत्तों को अपने मालकिन को चाटने मेंखुली दुकान के आगे किसी को पार्किंग करने में
पेपर्स चेक हो गए फिर भी प्रिंसिपल को मार्किंग करने में,
पान खा कर चलते-चलते रास्ते में थू-थू करने में
दीवार के किनारे खड़े रहकर तसल्ली से सू-सू करने मेंखुद को गर नींद न आये तो बीवी को नींद से जगाने में
खाली बैठे सोचते हो तो नाक में उंगली जाने में,
किसी तो भूखा रहने पर तो किसी को भरपेट खाने में
किसी को लोटा में जंगल में तो किसी को घर के पाखाने में

और अंत में केवल इतना ही कहना चाहता हूँ कि :-

तारों  को चमकने में, बादल को बरसने में,
धरती को भभकने में, और दिल को धड़कने में,
बड़ा मज़ा आता है ………

गुरचरन मेहता

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