तेरे बिना

मंजिले हे , रास्ते हे , जज्बात हे ,
पर हमे अब खुद पर एतबार
कहा होता हे ?

सारी उम्र गुजारी हे तन्हा, तेरे लिए
मरने के बाद हमसे इंतजार
कहा होता हे ?

फूल हे शबनम हे , सितारे हे , चांदनी हे ,
पर हमे अब इनसे प्यार
कहा होता हे ?

तन्हा राते, और जुदाई ,इनमे तेरी ही शैदाई
पर इन आखो में तेरा अब दीदार
कहा होता हे ?

दिल हे खाली हम है अकेले,फिर चाहे लगते हो मेले
दिल को बहलाने वाला बाजार ,
कहा होता हे ?

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