अगर चाय में पत्ती नहीं तो

अगर चाय में पत्ती नहीं तो

पीने का क्या मज़ा और
साथ में गाईड नहीं तो
घूमने का क्या मज़ा ।

चप्पल है छोटी तो
पैर में नहीं आती और
अंकल की बीवी मोटी तो
बग़ल में नहीं आती ।

अगर अत्तर की शीशी को
पत्थर से फोड़ दूँ और
जिन्सवाली मिल जाए तो
साड़ीवाली को छोड़ दूँ ।

अगर फूल को लेंगें तो
काँटा तो लगेगा और
लड़की को छेड़ेगें तो
छांटा तो उड़ेगा ।

अगर किचड़ है, पैर ड़ालोगे,
धोना तो पड़ेगा और
ड्राइवर से शादी करोगे तो
घूमना तो पड़ेगा ।

दिल्ली में घूमता तो
हेमामालिनी मिलती और
जिस की याद में घूमता हूँ
वो घरवाली नहीं मिलती ।

अगर काँच का बंगला है तो,
पत्थर कैसे मारुँ और
अमीर की बेटी है तो
आँख कैसे मारुँ ।

सिंगल बाय सिंगल वाले
नाराज़ मत होना और
अब की बार आयेंगे तो
टू बाय टू कपल में आना ।

मेहनत करते हैं
एन्गल बदल-बदल के
और
उसके बाप ने पिटा
सेन्डल बदल-बदल के ।

जाम पर जाम पीने से,
क्या फायदा,
शाम को पीएगें तो,
सुबह उतर जाएगी,
और हरि नाम का प्याला पीयेंगे
तो
आखी ज़िंदगी सुधर जाएगी ।

शायर – राजू गाइड़ ।
उम्र- क़रीब १२ साल.
स्थान- अचल गढ़ – माउन्ट आबु पर्वत -राजस्थान.

http://www.youtube.com/watch?v=9h19PFNbqlc&feature=youtu.be

मार्कण्ड दवे। (एम.के.टीवी फिल्म्स ।)

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