आदमी बेवकूफ है ?

कुछ लोगों का यह मानना है की दुनिया का हर आदमी बेवकूफ है,
जी हाँ इस से बात से में भी इतेफाक रखता हूँ
और मैं भी कभी कभी बेवकूफी का स्वाद चखता हूँ ,
कुछ बाते इस बात का हैं सच्चा सबुत की
आज का आदमी है सच ही में बेवकूफ,
जरा गौर फरमाइए :—

बालावस्था में वह माँ का दुलार पाता है,
नालायक गधा तो कभी बेवकूफ कहलाता है.
किशोरावस्था में वह कई कारणो से
बाप के ताने सहता है,
और बाप सब कुछ कहने के बावजूद
उसे बेवकूफ जरुर कहता है.
जवानी में शादी के बाद,
कहतें है वह गधे से आदमी बन जाता है,
माँ बाप की नज़रों में जोरू का गुलाम,
और बीवी से फिर वही बेवकूफ कहलाता है.
प्रोढावस्था में वह अपने बच्चो के लिए क्या नहीं करता,
उन्हें पढाता है लिखाता है कमा कमा कर खिलाता है,
और वक़्त आने पर उनकी नज़रों में भी
एक दिन बेवकूफ बन जाता है.
शायद ही कोई ऐसे पोता-पोती हों
जो अपने दादा या नाना की वृद्वावस्था में
उन्हें नहीं लूटते,
फिर भी ये नटखट बालक उन्हें
बेवकूफ कहने से कभी नहीं चूकते.
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गुरचरन मेह्ता

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