शाम होते ही

शाम होते ही

शोर यादों का

उसकी …

घुस आता है

घर में मेरे

और सन्नाटा

तन्हाईओं का

और ज्यादा

गहरा जाता है

2 Comments

  1. Rajesh Goel Rajesh Goel 30/07/2014
  2. AVINASH 10/08/2014

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