वनडे क्रिकेट और बच्चे

पदयात्रियों, मोटर-गाड़ियों से बेपरवाह
बीच सड़क पर
क्रिकेट खेलते बच्चे
डरा नहीं करते
पिता-चाचा या दादा की घुड़कियों से

भुनभुनाएं बुजुर्ग
चिड़चिड़ाएं अध्यापक
तो क्या करें बच्चे
पाकिस्तान के विरुद्ध
खेली गई पारियों को
देखते हैं वे ही लोग
सारा काम छोड़
आँखें फोड़
उत्तेजना के साथ
जैसे सीमा पर चल रहा हो युद्ध…

नहीं सोचते बच्चे
सिगरेट, ठंडा और मदिरा के निर्माता
क्यों बना करते
भारत-पाक क्रिकेट श्रृंखला के प्रायोजक
क्रिकेट सितारों की जादुई प्रसिद्धि से अभिभूत
बच्चों को तो सीखना है
सचिन जैसे ‘स्ट्रोक्स’
या कपिल जैसी आक्रामकता!

क्रिकेट खेलते बच्चे
नहीं बनना चाहते
अध्यापक, गणितज्ञ, वैज्ञानिक, संगीतज्ञ
इंजीनियर, डॉक्टर
और साहित्यकार तो एकदम नहीं
वे रातों-रात
होना चाहते मशहूर
मात्र एक अदद शतकीय पारी
दिला सकती
प्रतिष्ठा, पद, पैसा असीमित

क्रिकेट खेलते बच्चे
जल्द ही सीख जाते
व्यक्तिगत स्कोर का महत्व
जीतने के लिए
चालाकियों की अनिवार्यता
प्रायोजकों, सटोरियों के इच्छानुसार
खेल का प्रदर्शन….

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