सांझ

सारा दिन
मुंहलगी चिडि़यों को खदेड़ने के बाद
लौटते होंगे पिता खेत से नंगे पांव
गांव में पसरी होगी
सांझ

पकती होगी चिन्ताएं
फसल के साथ-साथ
बैंक का कर्ज
छोटू की पढ़ाई
छोटकी की शादी
चाचा की जमानत
हर तीसरे महीने की
दूसरी तारीख को
कचहरी में पेशी

मां
गांव की
इकलौती दुकान से लेकर लौटी होगी
नमक तेल, और दियासलाई
मुंडेर पर रोटी की ताक में बैठे कौवे से

मां पूछती होगी मेरे आने की खबर
अभी-अभी स्कूल से लौटे छोटू ने
थमायी होगी बड़की की चिट्टी

दीया बत्ती से पहले
पिता लौट चुके होंगे घर
छोटकू भी खेलकर
कंपकंपाते हाथों से
छोटकी बंाध चुकी होगी गाय
चूल्हे में बची हुई आग से
मां ने सुलगाया होगा
चूल्हा

Leave a Reply