मुक्तक

रूठ कर ना जा मेरा दिल तोड़ने बाले
पराया जानकार हमको अकेला छोड़ने बाले
मासूम सी ख़ता पर नाराज हो गए
इजहार राज ऐ दिल पर ही आबाज हो गए

मुक्तक प्रस्तुति :
मदन मोहन सक्सेना

2 Comments

  1. रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' 11/12/2012
  2. रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' 11/12/2012

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