मेरा भारत महान

जय हिंदी जय हिंदुस्तान मेरा भारत बने महान
गंगा यमुना सी नदियाँ हैं जो देश का मन बढ़ाती हैं

सीता सावित्री सी देवी जो आज भी पूजी जाती हैं
यहाँ जाति धर्म का भेद नहीं सब मिलजुल करके रहतें हैं

गाँधी सुभाष टैगोर तिलक नेहरु का भारत कहतें हैं
यहाँ नाम का कोई जिक्र नहीं बस काम ही देखा जाता है

जिसने जब कोई काम किया बह ही सम्मान पाता है
जब भी कोई मिले आकर बो गले लगायें जातें हैं

जन आन मान की बात बने तो शीश कटाए जातें हैं
आजाद भगत बिस्मिल रोशन बीरों की ये तो जननी है

प्रण पला जिसका इन सबने बह पूरी हमको करनी है
मथुरा हो या काशी हो चाहें अजमेर हो या अमृतसर

सब जातें प्रेम भाब से हैं झुक जातें हैं सबके ही सर.

काब्य प्रस्तुति :
मदन मोहन सक्सेना

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