हेमू

हेमू

अब मां बैठी रहती,

हेमू कर लेता है अपना काम,

 मसलन- जगाने से पहले जागना,

 तह करना अपना बिस्तर,

 पढ्ना लिखना, ब्रश करना,

 अब पेस्ट न खाना,

छपाक छपाक कर न नहाना,

 टावेल से पोछना खुद को,

सुखाना टावेल, जांघिया, बनियान,

प्रेस करना कपडे, पेंट-शर्ट पहनना,

लगाना बटन-चैन पोस्ट आफ्सि‍ का,

रफ्‍ू करना, टांकना बटन शर्ट का,

मोजे पहनना, बूट पालिश करना, लेश बांधना,

 सलीके से कंघी करना,

आइने में अक्स बनाना।

 मां के करने से पहले

हेमू कर लेता अपना काम,

 यंत्रवत रोबोट सदृश,

जैसे स्कूल बैग, लंच बाक्स वाटर बैग, सजाना

फ्रिर टांगना,

 कुली की तरह,

 सीने में एक बिल्ला लटकाये।

 घर लौटना बिना थके,

 स्कूल वर्क करना, मैथ, हिंदी, सोशल साइन्स,

 इंग्लिश, साइन्स वगैरह ।।

 कुछेक पल कभी कभी,

 देखना खेलते बच्चों को मैदान में,

 ट्यूटर के सामने बैठना,

फ्रिर , वर्क होमवर्क, पढाई करो,

 पहला रैंक लाना है।

 नाक पोंछ लेना,

सचमुच हेमू

साढे चार वर्षीय हेमू

 समझ्दार हो गया है,

 सब कहते है,

पर मां उदास है, दुखी है,

 मन भर आता है,

 जब चुपके से पेशाब कर आता है,

 बिना मुझे जगाये अंधेरी रात में, बिना डरे।

 सोचती है मां

वह क्यों नहीं करता जिद

 उसके लिये जिसे यशोदा

 लाकर दे नहीं सकती ?

Leave a Reply