क्या लायें इस बार

दीवाली तो आ गई पापा, क्या लायें इस बार
बच्चा बोला देखकर, सुबह सुबह अखबार

सुबह सुबह अखबार, पापा कपड़े नए दिला दो
मम्मी को एक साड़ी औ बहना को सूट सिला दो

अपने लिए तो पापा तुम, जो जी में आए लेना
पर घर का कोना कोना, रोशन दीपों से करना

पापा ने सुन बात, कहा बेटे, क्या बतलाएं
डूब गई पूंजी शेयर में, कैसे दीप जलाएं

बेटा बोला, बुरा न मानो, तो एक बात बताएं
पैसे के लालच में पड़कर, क्यूँ पीछे पछ्ताएं

दादाजी भी तो कहते थे लालच बुरी बला है
शेयर नहीं सगा किसी का, इसने तुम्हे छला है

कोई बात नही पापाजी, यह लो शीतल पेय
बीती ताहि बिसारी देय, आगे की सुधि लेय

-कुंवर प्रीतम

Leave a Reply