ममता भरी छांव

कोख से जन्म दे, ये संसार दिखाया,

रातों भर जग, सुखे बिस्तर पर सुलाया

हर मोड पर कच्चे घडे की तरह,

हाथों का सहारा दे मजबूत बनना सिखाया

ममता भरी छाव में, हाथ थामे मेरा,

चलना सिखाया, पढना सिखाया

 टेढे-मेढे रास्तो की डगर से बचाकर,

जीवन के सफर में आगे बढना सिखाया

प्यार कर दुलार कर सच का पाठ पढाया

मुश्किलों से निपट, निडर बनना सिखाया

ममता भरी छाव में, हाथ थामे मेरा

चलना सिखाया, पढना सिखाया

पैरों पर खडा कर जूझना सिखाया

सिचिंत कर मेरी गृहस्थि, नया घरौदा बसाया

उतार सकती नही, हे मा तेरा ये कर्ज

चाहे क्यों न लें लू धरती पर हजारो जन्म

ममता भरी छाव में हाथ थामे मेरा

चलना सिखाया पढना सिखाया

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