आकार

आँधियाँ आती हैं
कुछ कण ओर त्रनो को
उड़ाकर ले जाती है..
कूच्छ कण ओर त्रृण
को वापस ले आती है
कुछ को वही. छोड जाती है
उन आँधियों ने हमारे
रेत से बनाए घरोंदो को भी
मिटा दिया था,
किंतु ये हमारे ड्रड संकल्प सच्ची लगन

ओर कठिन परिश्रम का ही तो
परिणाम है
जो सपने हमने सँजोए थे
वह साकार हुए
हमारे रेत के महल
पत्थर के आकार हुए !

 

 

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