मत करों परेशान उन्हे बेवजह

मत करों परेशान उन्हे बेवजह

 

 मत करों परेशान, उन्हे बेवजह ।

 यूं  ही परेशान  है,  वो बेवजह।।

 

 दरअसल    वो है  ही नहीं, जो है।

 दिखता जरूर है, आदमी की तरह।।

 

 मत रगड़ो,  उस  विषय पर उंगलीं।

पड़ जायेगा पीछे, जिन्न की तरह।।

 

जिंदा    रखना है,   तो दे     दो उसे।

वरना मार डालेगा, शराब का विरह।।

 

 अस्मत लुट गई,       तो गई चुप रहो,

 वरना सरेआम लुटेगी, वकील की जिरह।।

 

 घोटाला ही तो किया,     कोई मर्डर तो नहीं,

 चुप! वरना फंसोगे तुम, कमीशन में बेवजह।।

 

 भ्रष्टाचार, घोटालो से       भयंकर चिंतित हैं।

 खलल मत डालो, सदियों से चिंतन में वह।।

 

 मत       करों   परेशान,     उन्हे बेवजह ।

 यूं      ही   परेशान   है,            वो बेवजह।।

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