हाईकु

तुमने ओढ़ी
आसुओं की चादर
समाज खुश
ज़ख़्मों को धोना
मलहम लगाना
चलते जाना
सबकी खुशी
आँसुओं पे न जाना
फर्ज़ निभाना
पिया घर जा
आँसुओं को न देख
बावरे नैन
खुश रहना
कभी याद न आना
साथ निभाना

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